ना मांगू मैं तुमसे कुछ बस चाहूँ तेरा प्यार
मेरा जन्मदिन है मेरी मैया ले चल अपने द्वार
मैं दरबार जाऊंगा जन्मदिन वहां मनाऊंगा
नहीं जलानी कैंडल मुझको माँ की ज्योत जलानी है
मैं भी माँ का लाल बनूँगा मैंने मन में ठानी है
मेरी बातें सुन कर मैया मत करना इंकार
मेरा जन्मदिन है मेरी मैया ले चल अपने द्वार
नहीं काटना केक मुझे मैं कंजके वहां बिठाऊंगा
छोटी छोटी कंजको को हलवे का भोग लगाऊंगा
मिल जायेगा मुझको भी जग जननी का दीदार
मेरा जन्मदिन है मेरी मैया ले चल अपने द्वार
मेरी मैया प्यारी मैया सारे जग से न्यारी है
सच्चे मन से जो भी मांगो देती खुशियां सारी है
त्रयलोकी की स्वामी चंचल जग की पालनहार
मेरा जन्मदिन है मेरी मैया ले चल अपने द्वार
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Jina Jina Kolo Tu Naraaz Rehni Ae...