मेरी लगी मईया संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने
क्या जाने कोई क्या जाने
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने
छवि दिखी मईया की जब से
भई बावरी मैं तो तब से
ये कैसी पागल प्रीत ये दुनिया क्या जाने
जब से लगन लगी मईया से
नाता तोड़ दिया दुनिया से
मैंने छोड़ी जग की रीत ये दुनिया क्या जाने
हर दम अब तो रहूँ मस्तानी
लोक लाज दीनी बिसरानी
मैं तो गाऊँ ख़ुशी के गीत ये दुनिया क्या जाने
भूल गयी कही आना जाना
जग सारा लागे बेगाना
अब होगी प्यार की जीत ये दुनिया क्या जाने