तू आद भवानी है
तू ही है दुःख हरणी तू ही वैष्णो रानी है
तेरी शान निराली माँ
तेरे दर आए जो भी कभी जाए ना खाली माँ
तेरा गुफ़ा में बसेरा माँ
हर लेती दुःख सारे करे सुखों का सवेरा माँ
तेरी जगमग ज्योति माँ
सारे ही जग में तेरी जय जय होती माँ
तेरा सुन्दर द्वारा माँ
देख के जी ना भरे लगे स्वर्ग नज़ारा माँ
तेरी शेर सवारी माँ
सज धज बैठी हो बड़ी लगती प्यारी माँ
बहे गंगा की धारा माँ
जो चरणामृत पीता तूने उसको तारा माँ
लाल चुनरी सितारों जड़ी
ओढ़ के आओ माँ मैं दर पे आन खड़ी