सज धज कर बैठी माँ और मंद मंद मुस्काये
आओ नज़र उतारें मईया की कहीं माँ को नज़र ना लग जाए
कोई काजल डिब्बी ले आओ
मेरी माँ को टीका लगा जाओ
मेरी भोली भाली मईया को भक्तों की नज़र ना लग जाए
जब मईया चलती पग रख कर
पाँव के घुंघरू बोल रहे
इस प्यारी प्यारी पायल को कंजकों की नज़र ना लग जाए
मेरी माँ का मुखड़ा भोला है
चुनरी में चंदा लिप्टा है
इस सुंदर प्यारे मुखड़े को चंदा की नज़र ना लग जाए
मेरी माँ की लीला न्यारी है
तेरी सुन्दर शेर सवारी है
इस जग की पालनहारी को कहीं खुद की नज़र ना लग जाए
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Om Aim Hrim Klim Chamundaye Viche...