सोचो ना क्या होगा सब कुछ मैया सोचेगी
बस तू ध्यान लगा बाकी सब मैया सोचेगी
इस जग का सुनना इसका क्या ठिकाना
जैसी मर्जी माँ की वैसा बने बहाना
उसी की बांह पकड़ ले बाकी मैया सोचेगी
दिल में बसी है मैया तुझे दूर नहीं पल भर
पग पग पर माँ रक्षा करती फिर काहे का डर
सनमुख हो जा माँ के बाकी मैया सोचेगी
माँ के नाम की नैया भाव से पार लगाएगी
हाथ पकड़ कर मैया खुद ही द्वार ले जाएगी
बस तू नाम सिमर ले बाकी मैया सोचेगी
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Hath Jod Ke Main Arzaan Guzaaraan...