इक बार माँ आ जाओ फिर आ के चली जाना
हमें दर्श दिखा जाओ दिखला के चली जाना
तुमको मेरे गीतों का संगीत बुलाता है
कुछ मेरी भी सुन जाओ कुछ अपनी सुना जाना
क्या मेरे तड़पने का अहसास नहीं तुमको
किस बात पे रूठी हो इतना तो बता जाना
अखियां मेरी रोती हैं इन्हे धीर बंधाओ तुम
मझधार में है नईया इसे पार लगा जाना
चरणों से जो लिपटा हूँ चरणों को ना छोडूंगा
मैं तुझ में समा जाऊँ तुम मुझमें समा जाना
जाने नहीं देंगे तुम्हें ज़रा जा के तो दिखलाना
इक बार माँ आ जाओ और आ के नहीं जाना