मंदिरों से माँ ने टेलीफोन किया है
सुन ले अपने पराये
मेरे द्वार वो ही आये
जिसने जीवन ही मुझको सौंप दिया है
मांगने मुरादे तो आते सभी है
आप रो के मुझको रुलाते सभी है
भला अपना चाहते है भला नही करते
सबको डराते है मुझसे नहीं डरते
पूजा मेरी करने तो सुबह शाम आते
लेकिन मेरे बन्दों के नही काम आते
सुखी होना चाहते है दुख देके सबको
सन्मुख रखते है अपने मतलब को
मेरी अखियों का तारा
मुझे जान से भी प्यारा
जिसने हाथ किसी बेबस का थाम लिया है
मैं तो खुद दाती हूँ मुझको क्या दोगे
देने के बहाने तुम तो और मांग लोगे
चढ़ावे तुम्हारे ये मैं क्या करुँगी
मैं तो सच्ची श्रद्धा के दो फूल लूंगी
फैक्ट्री नही चाहिये मुझे मिल नही चाहिये
मुझको दिखावे का दिल नही चाहिये
अंदर बाहर क्या है सब जानती हूँ
रग रग सबकी मैं पहचानती हूँ
मेरे पास जो भी आये
मुझे सच सच बताये
कितने मजबूरो का उसने खून पिया है
आना जो आने के काबिल तो हो लो
मन में जो है मैल पहले वो धो लो
चाहिए रहम तो रहम करना सीखो
तुम भी तो औरों के दुःख हरना सीखो
औरों के जब तुम सहारे बनोगे
सच मच ही तुम मेरे प्यारे बनोगे
जिस दिन बनोगे सच के सौदागर
तीनों लोक कर दूँगी तुम पे न्योछावर
अरे अपने ही लिए
अगर जिए क्या जिए
जीना उसका जो औरों के लिए जिया है
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Chunni Main Banai Pai Pai Jod Ke...