सब से प्यारा सब से न्यारा मैया नाम तुम्हारा
जिसका कोई न जग में उसका तू ही एक सहारा
सारा जग है उसका मैया तू जिसकी हो जाये
भूल जाये सारा दुखड़ा जो शरण तुम्हारी आये
सागर से मिल कर सागर बन जाये जल की धारा
जिसका कोई न जग में उसका तू ही एक सहारा
आती जाती दो साँसों पे मान करें हम कैसा
सब कुछ देने वाली तू अभिमान करें हम कैसा
सुख दो चाहे दुःख दो मैया सब कुछ हमको प्यारा
जिसका कोई न जग में उसका तू ही एक सहारा
अपने द्वार की भक्ति दे दो अपना दास बना लो
भटकें अगर कभी तो हमको अपने गले लगा लो
तुम नैनों की ज्योत हो मैया तुम मन का उजियारा
जिसका कोई न जग में उसका तू ही एक सहारा
तेरे द्वार पे आ के मैया गया न कोई खाली
मैं अपराधी भी आया हूँ बन कर एक सवाली
बुझ न जाये दीपक मेरा हो न जाये अँधियारा
जिसका कोई न जग में उसका तू ही एक सहारा
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pyara saja hai tera dwar bhawani...