दरबार तेरा दरबारों में एक खास अहमियत रखता है
उसको वैसा मिल जाता है जो जैसी नियत रखता है
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
यहां भक्तो की लगी है कतार भवानी
ऊँचे पर्वत भवन निराला
आके शीश नवावे संसार भवानी
जगमग जगमग ज्योत जगे है
तेरे चरणों में गंगा की धार भवानी
लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा
गले लाल फूलो के सोहे हार भवानी
सावन महीना मैया झूला झूले
देखो रूप कंजकों का धार भवानी
ओ पल में भरती झोली खाली
तेरे खुले दया के भंडार भवानी
हम सब को है तेरा सहारा
करदे भक्तो का बेड़ा पार भवानी
If you like this, check
saj dhaj ke baithi maa aur mand mand ...