मैं बलिहार
जगराते वालिये तेरी जय जयकार
तेरी लीला कोई न जाने तेरी महिमा अपरमपार
तेरी ज्योत जगा कर बैठें तेरा जगन रचाएं
भगत गुणी जन मिल कर सारे तेरी भेंटें गायें
किरपा करना हे जगदम्बे बिनती तुमसे बारम्बार
दूर दूर से आई दर पे माँ भक्तों की टोली
तुम्हे मनाएं तुम्हे रिझायें हे जगदम्बे भोली
बैठे हैं झोली फैला कर भर दे माँ सब के भण्डार
हम सब तेरे बच्चे दाती तू है सब की माता
सब के बिगड़े काज सवाँरे सब की भाग्य विधाता
हम सब को तुम तारो मैया तुम ही हो माँ खेवनहार