मायें नी मेरी वार क्यों लाइयाँ ने देरियाँ
आजा करनियाँ ने होर मैं गल्लां बथेरियाँ
मुँह फेर बैठे संगी साथी जिना ते मान सी
जिना दे उतो वार दित्ती अपनी मैं जान सी
करदे ने साडे नाल ओ, अज हेराफेरियां
आजा करनियाँ ने होर मैं गल्लां बथेरियाँ
इतना दियां द्वार ते आसां तू रोलियाँ
इतना नू मायें देनी ऐ भर भर के झोलियां
मेरे पल्ले कानूं पाइयाँ ने ज़ालिम हनेरियाँ
आजा करनियाँ ने होर मैं गल्लां बथेरियाँ
मुँह मोड़ बैठी कादे तों तक के कंगाल नू
इक वार वी न पुछेया माँ सद्द के तू लाल नू
डिग्गेया मैं द्वार तेरे ते होइयाँ ने देरियाँ
आजा करनियाँ ने होर मैं गल्लां बथेरियाँ
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